हिन्दी काव्य संग्रह

कभी जो आये मन में कोईबात उसे कहना ज़रूर न करना वक्त का इंतज़ार न होना मगरूर। जब पिता का किया कुछ दिल को छू जाये तो जाकर गले उनके लगना ज़रूर।कभी जो आये मन में कोई बात उसे कहना ज़रूर बनाये जब माँ कुछ तुम्हारे मन काकांपते हाथों को चूम लेना ज़रूर।कभी जो आये …

कहना ज़रूर Read More »

मैं उम्र बताना नहीं चाहती हूँ, जब भी यह सवाल कोई पूछता है,मैं सोच में पड़ जाती हूँ, बात यह नहीं, कि मैं,उम्र बताना नहीं चाहती हूँ,बात तो यह है, की,मैं हर उम्र के पड़ाव को,फिर से जीना चाहती हूँ,इसलिए जबाब नहीं दे पाती हूँ, मेरे हिसाब से तो उम्र,बस एक संख्या ही है, जब …

उम्र Read More »

एक शब्द है ईश्वर, इसे पुकार कर तो देखो, सब कुछ पा ना लो तो कहना | एक शब्द है मुकद्दरइससे लड़कर देखो, हार ना जाओ तो कहना | एक शब्द है मोहब्बत इसे कर के देखो, तड़प ना जाओ तो कहना एक शब्द है वफाजमाने में न मिलती, कहीं ढूंढ़ पाओ तो कहना | …

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एक जमाना था – तन ढकने को कपड़े न थे,फिर भी लोग तन ढ़कने का प्रयास करते थे ।आज कपड़ों के भंडार हैं, फिर भी तन दिखाने का प्रयास करते हैं*हम सभ्य जो हो रहे हैं ।* एक जमाना था, आवागमन के साधन कम थे।फिर भी लोग परिजनों से मिला करते थे।आज आवागमन के साधनों …

वाह री सभ्यता ! Read More »

हर नज़र को एक नज़र की तलाश है,हर चहरे मे कुछ तो एह्साह है! आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,क्या करे हमारी पसंद ही कुछ “ख़ास” है! चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,तो चाँद की चाहत किसे होती! कट सकती अगर अकेले जिन्दगी,तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती! कभी किसी से …

एह्साह Read More »

वाह रे जिंदगीदौलत की भूख ऐसी लगी की कमाने निकल गए ओर जब दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए बच्चो के साथ रहने की फुरसत ना मिल सकी ओर जब फुरसत मिली तो बच्चे कमाने निकल गए वाह रे जिंदगीजिंदगी की आधी उम्र तक पैसा कमायापैसा कमाने में इस शरीर को खराब किया …

वाह रे जिंदगी Read More »

मैं हूँ नदी,तुम तट बनो,मैं हूँ डोर तुम पतंग बनो,मैं हूँ तिनका तुम नीड़ बनो,मैं बेरंग तुम रंग बनो,तुम बिन मैं कुछ भी नहीं,तुम ही मेरी सब कुछ बनो।

ओस की बूंदों सी होती हैं बेटियाँ,स्पर्श करो तो रोती हैं बेटियाँ,रोशन करेगा बेटा तो एक ही कुल को,दो कुलों की लाज को रखती हैं बेटियाँ,माँ का तो पता नहीं,पर बाप की जान होती हैं बेटियाँ,हीरा अगर है बेटा,तो सच्चा मोती हैं बेटियाँ,कांटो की राह पर यह खुद ही चलती रहेंगी,औरों के लिए पर फूल …

बेटियाँ Read More »

ज़िन्दगी धूप का है सफ़र,तुम साथ चलो,न हो सकेगी अकेले गुज़र,तुम साथ चलो,ज़माना जीने न देगा,करेगा रुसवा हमें,बनकर मेरे हसीं रहबर तुम साथ चलो,राह-ए-उल्फत में वफ़ा की सौगात लिए हाथों में,ए मेरे प्यारे हमसफ़र तुम साथ चलो,मेरी धडकनों में रहो,बसे रहो साँसों में मेरी,चलो की दूर कहीं दूर,बहुत दूर कहीं,हो न दुश्मनों को खबर,तुम साथ …

तुम साथ चलो Read More »

यह कौन ज़िन्दगी में उदासियाँ रख गया,मेरे आँगन में,यादों की तितलियाँ रख गया,आया था कुछ दिनों के लिए ,गया है सदा के लिए,क्यूँ मेरी हयात में तनहइयां रख गया,तिनका-तिनका चुनकर बनाया था आशियाँ,उसी शाख पर वो ज़ालिम बिजलियाँ रख गया,आता है याद बहुत हमें,रोते हैं अक्सर,क्यूँ दिल में वो उम्मीदों की बस्तियां रख गया।