रामधारी सिंह दिनकर से जुड़ा किस्सा है। एक बार फिर से दिनकर जी का ट्रांसफर हो गया था। मित्रों ने उनसे कहा, ‘दिनकर जी, ऐसे कैसे नौकरी करेंगे? ये आपका 22वां ट्रांसफर है।’ दिनकर जी बोले, ‘मूलरूप से मैं एक कवि, विचारक और देशभक्त हूं। अंग्रेज सरकार को ये डर है कि मैं कुछ ऐसा …
कुछ कहानियाँ
सुकरात यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक थे। सुकरात के पास जब भी कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की बात करने आता तो वे तीन सवाल जरूर पूछते थे। एक दिन एक परिचित व्यक्ति सुकरात से मिलने आया और कहा, ‘मैं आपके मित्र के बारे में आपसे कुछ बात करना चाहता हूं।’ सुकरात का वह मित्र, जिसके …
किसी व्यक्ति की अनुपस्थिति में उसकी आलोचना करने से हमारे अंदर नकारात्मकता बढ़ती है Read More »
कबीरदास जी एक गांव से दूसरे गांव में घूमते रहते थे। एक गांव में कबीरदास जी रुके तो गांव के लोगों ने कहा, ‘आपके आने के बाद हमारे गांव में सब कुछ अच्छा हो गया है। प्रसन्नता का वातावरण है, लेकिन हमारे गांव की एक समस्या है। यहां एक वैश्या है, उसकी वजह से पूरा …
जगह छोड़ने से नहीं, गलत आदतें छोड़ने से जीवन सुधरता है Read More »
महात्मा गांधी बच्चों से अपने अलग ढंग से बात करते थे और अलग ढंग से समझाते थे। गांधी जी सिर्फ एक धोती लपेटते थे। एक दिन उनके पास एक छोटा बच्चा आया। उस बच्चे ने गांधी जी से कहा, ‘आप ऊपर कपड़े क्यों नहीं पहनते हैं?’ गांधी जी ने कहा, ‘मैं बहुत गरीब हूं, मेरे …
अगर हम समर्थ हैं तो जरूरतमंद लोगों की मदद और सेवा जरूर करें Read More »
एक छोटे व्यापारी ने साहूकार से उधार में रुपए लिए किंतु निर्धारित समय पर लौटा नहीं पाया। साहूकार बूढा और बदसूरत था लेकिन उस व्यापारी की खूबसूरत, जवान बेटी पर निगाह रखता था।साहूकार ने व्यापारी से कहा कि, अगर वो अपनी बेटी का विवाह उससे कर दे तो वह उधार की रकम ब्याज सहित भूल …
18 दिन के युद्ध ने, द्रोपदी की उम्र को80 वर्ष जैसा कर दिया था … शारीरिक रूप से भीऔर मानसिक रूप से भी शहर में चारों तरफ़विधवाओं का बाहुल्य था.. पुरुष इक्का-दुक्का ही दिखाई पड़ता था अनाथ बच्चे घूमते दिखाई पड़ते थे और उन सबकी वह महारानीद्रौपदी हस्तिनापुर के महल मेंनिश्चेष्ट बैठी हुई शून्य को …
एक बहुत ही क्रोधी राजा था। वह बात बात पर गुस्सा हो जाता औऱ तुरंत सजा का ऐलान कर देता। उसके सारे दरबारी औऱ नौकर चाकर उससे थर थर कांपते थे। सभी बस भगवान से यही मनाते कि उनसे क़भी कोई ग़लती न हो , नहीं तो राजा छोड़ेगा नहीं। एक बार की बात है। …
सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसायटी नाम की एक संस्था थी। इस संस्था में देश के बड़े प्रतिष्ठित लोग सदस्य हुआ करते थे। इस संस्था का काम था देश हित में विचार करना, देश हित में काम करना। लाल बहादुर शास्त्री भी इस सोसयटी के सदस्य थे। एक दिन संस्था के एक स्वयं सेवक ने शास्त्री जी …
चंद्रशेखर आजाद की युवा अवस्था से जुड़ी घटना है। युवा चंद्रशेखर भारत का ध्वज लेकर एक जुलूस में चल रहे थे। उस जुलूस में नारे लग रहे थे अंग्रेजों भारत छोड़ो, गांधी जिंदाबाद, हमारा देश स्वतंत्र हो। पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया और युवा चंद्रशेखर को पकड़ लिया। जब अदालत में उसे पेश किया …
एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोज़ाना भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी..। वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था..। एक कुबड़ा व्यक्ति रोज़ उस रोटी को ले जाता और बजाय …