रामायण में श्रीराम, लक्ष्मण और सीता अयोध्या से वनवास के लिए निकल चुके थे। राम के दुःख में राजा दशरथ की मृत्यु हो चुकी थी। उस समय भरत और शत्रुघ्न अपनी नानी के यहां थे। जब वे लौटकर आए तो उन्हें सारी बातें मालूम हुईं। अयोध्या के लोग भरत पर भी शक कर रहे थे …
कुछ कहानियाँ
रामायण में युद्ध चल रहा था। रावण और लक्ष्मण आमने-सामने थे। रावण ने एक ऐसी शक्ति चलाई कि लक्ष्मण कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। उस समय हनुमानजी ने देखा कि रावण लक्ष्मण को उठाने का प्रयास कर रहा है तो वे तुरंत वहां पहुंच गए। अब हनुमानजी और रावण आमने-सामने आ गए थे। …
कौरव और पांडव का युद्ध का समाप्त हो गया था। पांडवों ने 36 वर्ष राज किया। जिस राजसत्ता के लिए इतना बड़ा युद्ध हुआ, पांडव उस राज सत्ता पूरे सुख-शांति के साथ नहीं भोग पाए। उनकी मां कुंति, उनके ताऊ धृतराष्ट्र और ताई गांधारी बुढ़ापे में वन में चले गए। वहां आग लगी और जल …
कुरुक्षेत्र के मैदान में दोनों तरफ सेनाएं खड़ी थी। कौरवों के पास ज्यादा सेना थी, पांडवों के पास कम। पांडवों का जो प्रमुख योद्धा था, वह अर्जुन था और उसके रथ पर सारथी श्रीकृष्ण थे। अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा कि मेरे रथ को कौरवों की सेना की ओर लेकर चलिए। मैं पितामह भीष्म, द्रोणाचार्य, …
बात 127 साल पहले की है। शिकागो का आर्ट इंस्टिट्यूट और हॉल। कोलंबस में 7000 श्रोता मौजूद थे। एक से एक अंग्रेज वक्ता अपनी बात कहकर जा चुके थे। सम्मेलन का पहला दिन और दूसरा सत्र आरंभ हुआ था। कार्यक्रम के संचालक बैरोज ने घोषणा की कि विवेकानंद फ्रॉम इंडिया यानी भारत से विवेकानंद आए …
श्रीराम के पिता राजा दशरथ अपनी सभा में बैठे हुए थे। वे सबसे सुझाव ले रहे थे कि क्या राम को राजा बना दिया जाए? सुझावों के साथ-साथ लोग उनकी तारीफों के पुल भी बांध रहे थे। जब दशरथ की बहुत तारीफ होने लगी तो दशरथ ने भरी सभा में आईना निकाला और अपना चेहरा …
जब कोई आपकी तारीफ करे तो यह जरूर देखें कि उसमें सच्चाई कितनी है और कितना झूठ है Read More »
द्रौपदी के स्वयंवर में जाते समय श्री कृष्ण” अर्जुन को समझाते हुए कहते हैं कि, हे पार्थ तराजू पर पैर संभलकर रखना,संतुलन बराबर रखना, लक्ष्य मछली की आंख पर ही केंद्रित हो इस बात का विशेष खयाल रखना… तब अर्जुन ने कहा, “हे प्रभु ” सबकुछ अगर मुझे ही करना है, तो फिर आप क्या …
एक वरिष्ठ वकील 46 दोषियों को मौत की सजा (फांसी) से बचाने के लिए बहस कर रहा था।तभी उसका सहायक अंदर आया और उसे एक छोटा सा कागज दिया।वकील ने इसे पढ़ा और अपनी जेब के अंदर रखा और अपनी बहस जारी रखी।लंच ब्रेक के दौरान,न्यायाधीश ने उससे पूछा “आपको पर्ची पर क्या जानकारी मिली …