मैं एक गुनाह हर बार क्यूँ करता हूँ, हर सजदे में उसे ही याद क्यूँ करता हूँ, ऐ खुदा अगर वो बना ही नहीं है मेरे लिए. तो मैं उसे इतना प्यार क्यूँ करता हूँ… रिश्तों को कोई रूप दे दो, खिलते फूलों को थोड़ी धूप दे दो, आपकी याद आयी तो याद किया मैंने, …

शायरी(२०-०२-२०१४) Read More »