मुमकिन है अब तुम से बात न हो,मुमकिन है अब तुमसे मुलाक़ात न हो,मेरी यादों को दिल में रखना ए दोस्त,मुमकिन है कल हम पास हो न हो… उससे कहना मज़े में हैं हम,बस ज़रा यादें सताती है,उसकी दूरी का गम नहीं मुझे,बस ज़रा आँखें भीग जाती है,उसको बस इतना बता देना,इतना आसान नहीं है …
हिंदी शायरियाँ
मुरादों की मंजिल के सपनो मैं खोएमोहब्बत की राहों पे हम चल पड़े थे,जरा दूर चल के जब आँख खुली तोकड़ी धूप में हम अकेले खड़े थे… उनकी गलियों से जब गुज़रे तो मंज़र अजीब था,दर्द था मगर वो दिल के करीब था,जिसे हम ढूंढते थे अपनी हाथों की लकीरों में,वो किसी दूसरे की किस्मत, …
बैठे हुए हैं सामने एक दूसरे के हम,वो दिल लिए हुए हैं हम तमन्ना लिए हुए… हर तरफ राह मैं थे कांटे बिछे हुए,मुझ को तेरी तलब थी, गुज़रते चले गए… दिल को उसकी हसरत से खफा कैसे करूँ,अपने रब को भूल जाने कि खता कैसे करूँ,लहू बनकर रग रग में बस गए हैं वो,लहू …
तेरी ख़ुशी के लिए तेरा प्यार छोड़ चले,निकल के तेरे चमन से बहार छोड़ चले,सदा जो याद हमारी दिलाएगा तुझको,तेरे लिए वो दिल-ए-बेकरार छोड़ चले,उठा के लाश हम अपनी, खुद अपने कंधे पर,तड़पती आरजुओं का मज़ार छोड़ चले,हमे कुछ अपनी तबाही का ग़म नहीं लेकिन,मलाल ये है तुझे सो-गावर छोड़ चले…. इतना न तडपा कि …
सारे मंज़र बदल गए होंगे,आप हद्द से निकल गए होंगे,आग इतनी कहाँ थी फूलों में,हाथ शबनम से जल गए होंगे… जीने को तो जी रहे हैं उन के बगैर भी लेकिन,सजा-ए-मौत के मायूस कैदियों की तरह… कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,मांग कर मैं न पियूं …
खुदा से मांगते तो मुद्दत गुज़र गयी,क्यूँ न मैं आज उसको उसी से मांग लूं…. उसको खुदा से इतनी बार माँगा है,की अब तो हम सिर्फ हाथ उठाते हैं,तो सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते हैं…. वो रूठते रहे,हम मनाते रहे,उनकी राहों में पलकें बिछाते रहे,उन्होंने कभी पलट कर भी न देखा,हम आँख झपकाने से …
आज भी उनकी नज़रों में राज़ वो ही था,चेहरा वो ही था,चेहरे का लिबास वो ही था,कैसे उनको मैं बेवफा कह दूं यारों,आज भी उनके देखने का अंदाज़ वो ही था……….. भीगी आँखों से मुस्कुराने का मज़ा कुछ और है,हँसते-हँसते पलके भिगोने का मज़ा कुछ और है,बात कहके तो कोई भी समझा सकता है,ख़ामोशी को …
चाँद के बिना अधूरी रात रह जाती है,याद कुछ हसीं मुलाक़ात रह जाती है,सच है ज़िन्दगी कभी रूकती नहीं,वक़्त निकल जाता है पर बात रह जाती है…. ए काश बेवफाई हम भी कर पाते,भूल जाने के खेल हम भी खेल पाते,उन्होंने दिल पर चोट कुछ ऐसी की,आँसू को छिपा कर काश हम भी रो पाते… …
हसरत है तुझे सामने बैठे देखूँ,मैं तुझसे मुखातिब हूँ,तेरा हाल भी पूछूँ,तू अश्क बनके मेरी आँखों में समां जा,मैं आइना देखूँ तो तेरा ही अक्स देखूँ… कौन कहता है मुझे दर्द का एहसास नहीं,ज़िन्दगी उदास है जो तू मेरे पास नहीं,मैं मांग के न पियूँ,मगर ऐसा तो नहीं की मुझे प्यास नहीं…. अपनों को जब …
ज़िन्दगी काँटो भरा सफ़र है,हौसले ही उसकी पहचान है,रास्ते पर तो सभी चलते है,जो रास्ता बनाये वो इंसान है… थी उम्मीद खुशियों की उनसे,मगर वो भी हमें ग़म दे गए,उन्हें मालूम था की हम उनके बिना मर जायेंगे,फिर भी हमें जीने की क़सम दे गए… अदा उनकी थी ओर दीवाने हम बने,वफ़ा वो ना कर …