हिंदी शायरियाँ

तेरे बिछड़ने का दुःख हम सह नहीं सकते,भरी महफ़िल में आज कुछ कह नहीं सकते,हमारे गिरते हुए आँसू पकड़ के देख,वो भी कहेंगे हम तेरे बिन रह नहीं सकते… वो नदियां नहीं आँसू थे मेरे जिनपर वो कश्ती चलाते रहे,मंज़िल मिले उन्हें ये चाहत थी मेरी,इसीलिए हम आँसू बहाते रहे… एक ख्याल सा दिल में …

शायरी(१०-०५-२०१४) Read More »

समंदर की लहरें खामोश हैं तो ये मत समझो कि उसमें रवानी नहीं है,हम जब उठेंगे तो तूफ़ान बनके उठेंगे,अभी उठने कि ठानी नहीं है… ये मौत भी बड़ी अजीब है दोस्तों,एक दिन मरने के लिए पूरी ज़िन्दगी जीनी पड़ती है…. देखो आवाज़ देखर पास अपने पाओगे,आओगे तनहा पर तनहा ना जाओगे,दूर रहकर भी तुम …

शायरी(०२-०५-२०१४) Read More »

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं,मगर दोस्ती के मामले में हम सच्चे हैं,हमारी सच्चाई बस इसी बात पर टिकी है,कि हमारे दोस्त हमसे भी ज़्यादा अच्छे हैं… ठहरी ठहरी तबियत में रवानी आई,आज फिर याद मोहब्बत कि कहानी आई,आज फिर नींद को आँखों से बिछड़ते देखा,आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई… बर्बादियों का जायज़ा …

शायरी(२७-०४-२०१४) Read More »

हमने छोड़ा था ज़माना जिसे पाने के लिए,लो,उसी ने हमें छोड़ दिया ज़माने के लिए… ना खुशियाँ साथ हैं,ना मोहब्बत पास है,मेरी ज़िन्दगी के हर पल को तन्हाई रास है,गिला भी करें अगर तो हम किस से करें,उसी ने रुलाया जो मेरे लिए सबसे ख़ास है… बड़ी ख्वाहिश थी प्यार में आशियाँ बनाने की,बना लिया …

शायरी(०५-०४-२०१४) Read More »

सो जाइये पलकों में लेकर सपने ढेर सारे,आपको करें सलाम ये चाँद और तारे,खुद से दुआ करेंगे आज की रात कि,पूरे हों आपकी आँखों के ख्वाब सारे… रात आती है सितारे लेकर,नींद आती है सपने लेकर,हमारी दुआ है की अगली सुबह आये,आपके लिए बहुत सारी खुशियाँ लेकर… उसकी चाहत ने मुझे रुलाया बहुत,उसकी यादों ने …

शायरी(०३-०३-२०१४) Read More »

अब उनकी चाहत में ये नौबत आ गयी,ठंडी हवा भी आज हमें जला गयी,कहती है आप यहाँ तड़पते ही रह गए,मैं तुम्हारे सनम को छू कर भी आ गयी… सारे शिकवे जनाब तेरे हैं,दिल पे सारे अज़ाब तेरे हैं,तुम याद आओ तो नींद नहीं आती,नींद आये तो सारे ख्वाब तेरे हैं… परछाई आपकी हमारे दिल …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—35 Read More »

रिश्तों का विश्वास टूट ना जाए,दोस्ती का साथ छूट ना जाए,ऐ खुद गलती करने से पहले मुझे रोक लेना,कहीं मेरी गलती से मेरा दोस्त मुझसे रूठ ना जाए… हमारी आवाज़ उन्हें सुनाई नहीं देती,अब तो दूर तक कोई उम्मीद दिखाई नहीं देती,परवाह है उन्हें सब लोगों की,बस हमारी ही तन्हाई उन्हें दिखाई नहीं देती… ठोकर …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—34 Read More »

रंगों में घुली लड़की क्या लाल-गुलाबी है,जो देखता है कहता है क्या माल गुलाबी है,पिछले बरस तूने जो भिगोया था होली में,अब तक निशानी का वो रुमाल गुलाबी है… धुप तेज़ है,पास साया भी नहीं,दर्द ऐसा है की रोना आया भी नहीं,तेरे सिवा किसी को मैंने अपना माना भी नहीं,क्यूंकि किसी को आप जैसा रब …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—33 Read More »

यादों के इस भंवर में एक पल मेरा भी हो,फूलों के इस चमन में एक गुल मेरा भी हो,खुदा करे की जब आप याद करें अपनों को,तो उनमे एक नाम मेरा भी हो… मिली ज़िन्दगी ही ऐसी की ज़िन्दगी भी रो पड़ी,तेरी तलाश में ज़ालिम सज़ा भी रो पड़ी,तुझे टूट कर चाहा और इतना चाहा,कि …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—32 Read More »

तूफ़ान में किनारे मिल जाते हैं,ज़िन्दगी में सहारे मिल जाते हैं,कोई चीज़ ज़िन्दगी से प्यारी नहीं होती,पर कुछ लोग ज़िन्दगी से भी प्यारे मिल जाते हैं… प्यार के उजाले में ग़म आता क्यूँ हैं,जिसको हम चाहते हैं,वो ही हमें रुलाता क्यूँ है,अगर वो मेरा नसीब बन कर आय है,तो वो मेरी दुनिया को हमारी दुनिया …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—31 Read More »