हिन्दी काव्य संग्रह

मंदिर में मन के जैसे तू ही रहती बनके मूरत है,आईने के सामने खड़े होकर,जैसे नज़र आती बस तेरी सूरत है,मेरी ज़िन्दगी में एक बहार बनके आओ,और महका दो इसे जैसे बगिया में खिला कोई फूल हो,और कर दो पावन अपने स्पर्श से मेरे इस अधूरे से जीवन को,कभी भँवरा बनकर,कभी रसिया बनकर,जो ना पा …

तुम……….. Read More »

जी रहे हैं सभी यहाँ,इक उधार की ज़िन्दगीखूंटे पे टंगे उस पुराने कोट की तरह,तार-तार सी ज़िन्दगी उम्मीदों के बादल पर सवार,मगर सपनों की बारिश कि आस नहीं दिल में,ऐसी जी रहे हैं सभी,बिना ऐतबार की ज़िन्दगी, खुदा से आस लगाये हुए,मगर भरोसे के दीपक को बुझा,हर कोई जी रहा है अपनी ज़िन्दगी,जैसे हो ये …

उधार की ज़िन्दगी…. Read More »

उन्हें सोचकर ख्यालों में,एक रौनक चेहरे पर आती है,वो ऐसी होंगी,वो वैसी होंगी,बस यही सोच सोच कर,अब तो दीवाने दिल कि धडकनें बढती जाती हैं, कभी ख्वाबों का हिस्सा थीं जो,वो अब मुकम्मल होने वाली हैं,मेरी ज़िन्दगी में आकर,वो उसे सजाने वाली हैं, अभी से इतना बेचैन हूँ मैं,ना जाने उस पल क्या होगा,जब सारी …

उनका ख़्याल….. Read More »

उनको ये शिकायत है,कि हम उनसे मिले नहीं,कोई पूछे उनसे,रोज़ ख़्वाबों में कौन दस्तक देने आता है, उनको ये शिकायत है,कि हम याद नहीं करते उन्हें,कोई पूछे उनसे,रोज़ हिचकियाँ कौन लाता है, उनको ये शिकायत है,कि हमने दूरियां बढ़ा दी,कोई पूछे उनसे,पल-पल उनकी यादों के सहारे कौन बिताता है, उनको ये शिकायत है,कि अब प्यार …

उनको ये शिकायत है……. Read More »

आते हैं जो आँख से आँसू,उन्हें लगता यह अश्क नहीं पानी हैं,मगर हम तो वो हैं जो कह देते,इन आँसुओं के बहाने अपनी कहानी हैं.. इन्ही आँसुओं ने हर जगह,एक मुकाम अपना बनाया है,कोई समझे तो काम करते हैं यह,कोई ना समझे तो बस ज़ाया हैं.. कोई आँसू से लिख देता मोहब्बत की इबारत है,कोई …

आँसू………… Read More »

चलते-चलते यूँ ही,अब तो लग रहा है कि चलने लगे हैं ये रास्ते,मंजिलों से भी बेहतर,अब तो लगने लगे हैं ये रास्ते, मीलों के सफ़र में,हमसफ़र बन रहे हैं ये रास्ते,खामोश सी ज़िन्दगी में,हलचल सी ला रहे हैं ये रास्ते, चलते रहे मीलों,जाना कहाँ है,ये नहीं है पता,इतने हसीं से अब लगने लगे हैं ये …

ये रास्ते…………. Read More »

एक दिन जब शाम ढल रही थी,मैं छत की मुंडेर पर बैठा हुआ था,देख रहा था,घोंसलों में वापस जाते पंछियों को,देख रहा था पवन के संग झूमती बदलियों को,सोच रहा था की कैसा हसीं था वो लम्हा,वो पल,जब साथ तुम मेरे थीं,और रात थी बोझिल,उस सामान को भी तुमने बहारों सा हसीं बना दिया,एक बार …

एक कविता…. Read More »

निगाहें निगाहों से मिलकर तो देखो,नए लोगों से रिश्ता बनाकर तो देखो,हसरतें दिल में दबा कर रखीं हैं किसलिए,कभी अपने होठों को हिलाकर तो देखो,खामोश रहने से भी कभी कुछ हासिल हुआ है,दिल कि बात किसी को बताकर तो देखो,दिल कि बात किसी को बताकर तो देखो,आसमान सिमट जाएगा तुम्हारे आग़ोश में,चाहत कि बाहें ज़रा …

कविता…. Read More »

अच्छा लगता है,जब तुम तारीफ करते हो मेरी,जब तुम्हे यद् रहती है हमारी शादी की सालगिरह,जब तुम यूँ ही बिना किसी वजह के फ़ोन करते हो,या फिर जब तुम कभी मुझे यूँ ही चुपचाप देखते हो,यह सोचकर कि मैं नहीं देख रही तुम्हे देखते हुए अच्छा लगता है जब तुम ट्रेन में,खिड़की वाली सीट मेरे …

अच्छा लगता है… Read More »

कितनी सादगी है तुझमें ए हसीं,ये तो गुलशन कि बहारों से पूछो,कितनी खूबसूरती छिपी है तुझमे,ये तुम इन नजारों से पूछो, लोग समझ ना जाएँ कहीं प्यार अपना,इसीलिए तुम ज़रा इशारों से पूछो,किस हद तक किया हमने इंतज़ार तुम्हारा,ये हमारी उम्मीदों के सहारों से पूछो, झूठे बयानों ने किया है जुदा हमको,ये बात अपने तरफदारों …

पूछो…. Read More »