मेरे गम में मुस्कुराओ तो कोई बात बने,इसी तरह मेरा साथ निभाओ तो कोई बात बने,दुनिया दुश्मन है प्यार की,तोहमतें लगाएगी,ज़माने की नज़र से नज़र मिलाओ तो कोई बात बने,प्यार आसान है पर रस्म-ए-वफ़ा निभाना मुश्किल,कदम हौसलों से उठाओ तो कोई बात बने,प्यार के नाम पर यारों,कर दें जान फ़िदा दोनों,मिटकर भी वफायें निभाओ तो …
हिन्दी काव्य संग्रह
सूरत भी है,खुबसूरत भी है,और हर दिल की वो ज़रूरत भी है,वो शरमाती भी है और घबराती भी है,और दिल में जज़बातों को छुपाती भी है,कभी धूप है,कभी छाँव है,कभी आग है,कभी पानी है,कभी दोस्त है,कभी बहन है,या कभी धड़कते दिल की कहानी है,जिस रिश्ते को भी निभाये,उसे निभाये पूरे मन से,जीती है वो दूसरों …
सुहानी शाम का ये मंज़र उदास लगता है,की तुम्हारे बिना ये शहर उदास लगता है,जबसे जुदा हुए हो तुम मुझसे ए हमसफ़र,मुझे साँसों का यह सफ़र उदास लगता है,तुम थे तो रौनकें भी थी और बहारें भी,तुम्हारे बाद तो अपना घर भी उदास लगता है,यह कैसा वक़्त आया है ज़िन्दगी में हमारी,की अपनी ही दुआओं …
क्या लिखूं,क्या न लिखूं,कलम हाथ में है पर शब्द नहीं है,तुमसे मिलकर कुछ यूँ लगा,मानो जीवन में अब कोई दर्द नहीं है,तुम ही प्रियतमा,तुम ही सखी बनकर,तुम ही मेरी कविताओं के शब्द बनकर,कुछ यूँ घुल गयी हो मेरे जीवन में,की अब बस मिठास ही मिठास है,कोई कडवापन नहीं,दिल की आरज़ू,दिल की हसरत बनकर,और मेरे जीवन …
बीते पल जब याद आये,बस तुम ही मुझे याद आये,यूँ तो बसे हैं यादों में कई लोग,पर सबसे पहले,बस तुम ही याद आये,वो शाम का समय,और साथ तुम्हारा,वो कहना मेरा कुछ,और वो मुस्कुराना तुम्हारा,बीते पल जब याद आये,बस तुम ही मुझे याद आये,वो मेरा तुम्हे देखकर कोई शायरी कहना,और तुम्हारी नज़रों का झुक जाना,वो मेरा …
दिन गुज़रे,शाम गुजरी,शाम के बाद फिर रात गुजरी,तेरी यादों की महफ़िल से होकर,तेरी एक-एक बात गुजरी॥दीवानगी का आलम इस से ज्यादा क्या होगा,की दिया जलाए बैठे हैं आस का,आज भी दिल के उसी आँगन में,जिस आँगन से होकर,बस तू ही पहली बार गुजरी॥यूँ तो ज़माने हो गए तुमसे पहली मुलाकात किये,पर आज भी लगता है …
तुमसे मिलने से पहले,जीवन में कोई रंग न था,मन में कोई उमंग न थी,और आँखों में कोई सपना न था, पर तुमसे मिलने का बाद,जीवन सतरंगी हो गया,मन में उमंगो की लहर मचल उठी,और आँखों को सपने हकीकत बनते नज़र आने लगे, तुमसे मिलने से पहले,जीवन में कोई दोस्त न था,कहने को कोई अपना न …
यह रास्ते ज़िन्दगी के,जो फासले बन गए थे,तुम्हारे आने के बाद,जैसे मंजिलों से मिल रहे थे,वो रुखी-सूखी सी,बेरंग जो ज़िन्दगी थी,तुम्हारे आने के बाद,जैसे फूल उस में भी खिल गए थे,पतझड़ के मौसम में,तुम सावन बन गए थे,ज़िन्दगी की कहानी की तुम कविता बन गए थे,मेरे दिल की बगिया में कली बन के खिल गए …
लम्हा-लम्हा जो मैंने तुम्हारे बिन बिताया,लम्हा-लम्हा वो लगा जैसे हो एक कला साया,हर लम्हे में तुम्हारी याद बेहिसाब आई,ना चाहते हुए भी कई बार आँख भर आई,फलक पर चाँद भी तो तन्हा है मेरी तरह,पर उसे देखकर लगता है की सितारे तो हैं,ठीक वैसे ही मैं भी यहाँ पर तन्हा हूँ कितना,पर मुझे देखकर लगता …
उस दिन से ना जाने क्यूँ मेरी दुनिया ही बदल गयी,जिस दिन मैंने तुम्हे अपनी ज़िन्दगी में पहली बार देखा था,तुम आँखों में तारों सा नूर औरचेहरे पर फूलों सी मासूमियत लिए मेरे सामने से गुज़र गईं,और मैं किसी दीवाने की तरह,तुम्हे देखता रहा,बस देखता रहा,उस पहली ही मुलाकात ने जाने कैसा असर कर दिया …
