हिन्दी काव्य संग्रह

जब कभी तेरा दिल घबराये तो लौट आना,अगर तुझे मेरी याद आये तो लौट आना,कुछ वक़्त अच्छा गुज़रा है साथ तुम्हारे,वो वक़्त गर याद आये तो लौट आना,एक पल में दोस्त बन गए थे हम,अगर कभी वो पल याद आये तो लौट आना,अगर कभी दिल के धड़कनें तेज़ हो जाएँ तो लौट आना,लोग तो अक्सर …

लौट आना…. Read More »

सज़ा पे छोड़ दिया,जहाँ पे छोड़ दिया,हर एक काम को हमने खुदा पे छोड़ दिया,वो हमको याद रखे या भुला दे,उसी का काम था,उसी कि रज़ा पे छोड़ दिया,अब उसकी मर्ज़ी,बुझा दे या जला दे,चिराग हमने बाहर हवा में छोड़ दिया,अब उस से बात किये बगैर कैसे रहेंगे हम,ये मसला दुआ का था,सो दुआ पे …

छोड़ दिया Read More »

छोटी सी ज़िन्दगी है,हर बात में खुश रहो,जो चेहरा पास ना हो,उसकी आवाज़ में खुश रहो,कोई रूठा हुआ हो तुमसे,तो उसके इस अंदाज़ में खुश रहो,जो लौट के नहीं आने वाले,उन लम्हों कि याद में खुश रहो,कल किसने देखा है,तुम अपने आज में खुश रहो,खुशियों का इंतज़ार किसलिए,दूसरों कि मुस्कान में खुश रहो,क्यूँ तड़पते हो …

खुश रहो Read More »

होश संभाला है जब से मैंने,दुनिया को बदलते देखा है बस इक तेरा वजूद ही है मां,जो अब भी पहले जैसा है।जिसकी आंखों में भरी है ममतामुझे याद है आज भी वो पुलियाजहां बैठ हम राह तेरी थे तकतेदूर से तेरी इक झलक पाकरधरती भी जन्नत सी लगती थी हमेंकोने में टोकरी के पड़े वो …

मदर्स डे कविता-1 Read More »

अलसुबह से ही जादू शुरू हो जाताऔर तारों की छांव में हीकपड़े धुलकर तारों परसूखने को लटक जाते।किताबों, कपड़ों और जूतों का ढेरअपने नियत स्थान पर पहुंच जाता।और घर चमकने लगता।रसोई से मसालों की सोंधी महक उठतीऔर अचानक आए मेहमानों के लिए, खाना कभी कम न पड़ता।त्योहार से दिनों पहले, रसोई मीठे नमकीन पकवानों से …

मदर्स डे कविता-2 Read More »

तू अपनी खूबियां ढूंढ, कमियां निकालने के लिए लोग हैं| अगर रखना ही है कदम तो आगे रख, पीछे खींचने के लिए लोग हैं| सपने देखने ही है तो ऊंचे देख, नीचा दिखाने के लिए लोग हैं| अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का, जलने के लिए लोग हैं| अगर बनानी है तो यादें बना, बातें …

लोग हैं| Read More »