हिन्दी के लेख

एक बूढ़ी माता मंदिर के सामने भीख माँगती थी। एक संत ने पूछा – आपका बेटा लायक है, फिर यहाँ क्यों ?? बूढ़ी माता बोली – बाबा, मेरे पति का देहांत हो गया है। मेरा पुत्र परदेस नौकरी के लिए चला गया। जाते समय मेरे खर्चे के लिए कुछ रुपए देकर गया था, वे खर्च …

वास्तविकता Read More »

एक बुजुर्ग महिला बस में चढ़कर बैठ गई। अगले पड़ाव पर, एक मजबूत, क्रोधी युवती चढ़ गई और बूढ़ी औरत के पास बैठ गई, उसे अपने कई बैगों से मार दिया। जब उसने देखा कि बुजुर्ग महिला चुप है, तो युवती ने उससे पूछा कि जब उसने उसे अपने बैग से मारा तो उसने शिकायत …

हमारी एक साथ यात्रा बहुत छोटी है Read More »

ना भगवान,ना गृह-नक्षत्र,ना भाग्य,ना रिश्तेदार,ना पडोसी,ना सरकार, जिम्मेदार आप स्वयं है 1) आपका सरदर्द, फालतू विचार का परिणाम 2) पेट दर्द, गलत खाने का परिणाम 3) आपका कर्ज, जरूरत से ज्यादा खर्चे का परिणाम 4) आपका दुर्बल /मोटा /बीमार शरीर, गलत जीवन शैली का परिणाम 5) आपके कोर्ट केस, आप के अहंकार का परिणाम 6) …

जीवन मे दुःखो के लिए कौन जिम्मेदार है ? Read More »

एक शहर में एक आलीशान और शानदार घर था. वह शहर का सबसे ख़ूबसूरत घर माना जाता था. लोग उसे देखते, तो तारीफ़ किये बिना नहीं रह पाते.। एक बार घर का मालिक किसी काम से कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर चला गया। कुछ दिनों बाद जब वह वापस लौटा, तो देखा कि …

दुःख का कारण Read More »

एक राजा बहुत ही महत्त्वाकांक्षी था और उसे महल बनाने की बड़ी महत्त्वाकांक्षा रहती थी उसने अनेक महलों का निर्माण करवाया ! रानी उनकी इस इच्छा से बड़ी व्यथित रहती थी कि पता नहीं क्या करेंगे इतने महल बनवाकर ! एक दिन राजा नदी के उस पार एक महात्माजी के आश्रम के वहाँ से गुजर …

ये मिट्टी किसी को नहीं छोड़ेंगी Read More »

1. दस रू किलो टमाटर लेकर ताजा चटनी खा सकते हैं, मगर हम डेढ़ सौ रू किलो टमाटो साॅस खाते हैं वो भी एक दो माह पहले बनी हुई बासी। 2. पहले हम एक दिन पुराना. घड़े का पानी नहीं पीते थे अब तीन माह पुराना बोतल का पानी बीस रू लीटर खरीद कर पी …

सोचने योग्य विषय है, कृपया ध्यान दीजिए। आखिर सवाल सेहत का है Read More »

“मन्दिर लगता आडंबर , और मदिरालय में खोए हैं ,”“भूल गए कश्मीरी पंडित , और अफजल पे रोए हैं……..” “इन्हें गोधरा नहीं दिखा , गुजरात दिखाई देता है ,”“एक पक्ष के लोगों का , जज्बात दिखाई देता है……..” “हिन्दू को गाली देने का , मौसम बना रहे हैं ये ,”“धर्म सनातन पर हँसने को , …

मेरे देश की विडंबना… Read More »

*फीमेल एक्सप्रेस क्यों नहीं चलाई जाती है *!!“एक औरत गुस्साती हुई,स्टेशन मास्टर के पास आयी,इक्कीसवीं सदी की रागिनी सुनायी… महिलाओं के लिए तीस-प्रतिशत आरक्षण का सिद्धांतक्यूँ नहीं अपना रहे हो, वर्षों से मेल-एक्सप्रेस चला रहे हो,फीमेल-एक्सप्रेस क्यूँ नहीं ला रहे हो ? स्टेशन मास्टर घबराया,मुश्किल से जवाब दे पाया, मैडम….. ‌ मैडम…मेल-एक्सप्रेस ही मेकअप,करते-करते लेट …

ट्रेन में मेल एक्सप्रेस ही होती है….उत्तम हास्य – व्यंग्य Read More »

पांचवीं तक स्लेट की बत्ती को जीभ से चाटकर कैल्शियम की कमी पूरी करना हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था कि कहीं विद्यामाता नाराज न हो जायें । पढ़ाई का तनाव हमने पेन्सिल का पिछला हिस्सा चबाकर मिटाया था । “पुस्तक के बीच पौधे की पत्ती और मोरपंख रखने से हम होशियार …

काश वो समय फिर लौट आए । Read More »

भोपाल का इतिहास ‘औरतों के शासन करने का इतिहास है’ पूरी दुनिया में कहीं भी एक के बाद एक 4 महिला शासिकाएँ नहीं हुईं, वो भी इतनी प्रोग्रेसिव व इतनी सेकुलर!भोपाल का इतिहास 240 साल पुराना है, जिसमें से 107 साल यह महिलाओं ने शासन किया।सेंट्रल लाइब्रेरी की यह बिल्डिंग सुल्तान जहां बेगम ने इसलिए …

भोपाल की रोचक बातें Read More »