करीब 80 साल पहले की बात है। मुंबई के पेडर रोड पर कुछ मजदूर एक हरे-भरे पेड़ को काट रहे थे। एक सज्जन उन मजदूरों के पास रुके और बोले, ‘आप ये पेड़ क्यों काट रहे हैं? ये तो एक इंसान की तरह ही है।’ मजदूरों ने जवाब दिया, ‘हमें तो आदेश मिला है, क्योंकि …
आधुनिक जीवन में प्रगति जरूर करें, लेकिन प्रकृति का दुरुपयोग न करें Read More »
