लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। डुबकियां सिंधु में गोताखोर …
अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर,पलक संपुटों में मदिरा भर,तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था?क्षण भर को क्यों प्यार किया था? ‘यह अधिकार कहाँ से लाया!’और न कुछ मैं कहने पाया –मेरे अधरों पर निज अधरों का तुमने रख भार दिया था!क्षण भर को क्यों प्यार किया था? वह क्षण अमर हुआ …
इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल केये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहनासच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहनारख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल केइन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल केये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल …
चाह नहीं मैं सुरबाला केगहनों में गूँथा जाऊँ चाह नहीं, प्रेमी-माला मेंबिंध प्यारी को ललचाऊँ चाह नहीं, सम्राटों के शवपर हे हरि, डाला जाऊँ चाह नहीं, देवों के सिर परचढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ मुझे तोड़ लेना वनमालीउस पथ पर देना तुम फेंक मातृभूमि पर शीश चढ़ानेजिस पर जावें वीर अनेक ।। – माखनलाल चतुर्वेदी
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थीबूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थीगुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थीदूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थीबुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थीखूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी …
वक्त के साथ हालात बदलजाते हैलोगो के वो ज़जबात बदलजाते है। कोई करता है किसी केजवाब का इंतेजार,किसी के लिए वो सवालातबदल जाते है। हम तो होते हर दिन एक सेजाने क्योँ वो हर रात बदलजाते है। हम तो दिल से करते है“दोस्ती”उनके तो हर दिन दोस्तबदल जाते है। हम तो खड़े हैँ वही आज …
अंधेरा छट जाता हैरोशनी के बाद।तूफान अक्सर आता हैसन्नाटे के बाद।मौसम मेँ बहार आती हैबारिश के बाद।सपने नये देखता हुँसोने के बाद।मन उदास होता हैकुछ खोने के बाद।दूरिया बढ़ती हैलड़ने के बाद।प्यार बड़ता हैमिलने के बाद।हिम्मत बढ़ती हैसफलता के बाद।फूल खिलते हैँपतझर के बाद।हम कुछ पाते हैँ,कुछ खोने के बाद।अक्सर खुशी मिलती है,गम के बाद।ये …
मेरा मन मेरा नहीँ रहा,मेरा दिल मेरा नहीँ रहा,चेहरे की वो हंसी छीन ली,क्या बतलाऊँ मेरे दोस्त,इस बेदर्द ज़माने ने मुझसेवो मासूमियत छीन ली। मैँ जैसा हुँ, मैँ वैसा था नहीँ,पर मुझे सोचने का वक्तमिलता नहीँ,मेरे सपनोँ की वो दुनियाछीन ली,मेरे आँखोँ की वो नमी छीनली,क्या समझाऊ मेरे दोस्त,इस बेरेहम दुनिया ने,मुझसे मेरी मासूमियतछीन ली। …
मेरा मन बेचैँन है क्योँ,बता दे मुझे।ये मेरी ज़िन्दगी,अब तोनीँद से जगा दे मुझे। सब कुछ खो दिया मैनेँ,इस इंतजार मेँ,जब मिलेगामौका कुछ कर दिखाऊंगा।ये मेरी ज़िन्दगी अब वो,मौका दिला दे मुझे। दिल बेचैँन है क्योँ,मेरा इतना।क्योँ छिन गया चैँन मेरा,तुझसे नाराज तोनहीँ था मैँ। फिर क्योँ आँखोँ मे रह गया,मेरा सपना।सुना हैँ,दिल की तमन्ना …
जब मन हो उदास,तब याद करना।जब दिल मेँ हो कोई बात,तब याद करना। दुआँ करते हैँ, तुम खुश रहो,आँखो मेँ आँशु आए,तब याद करना। जो चाहोँ वो मिल जाए,दिल की हसरत कबूल हो जाए,हर रास्ते मेँ फूल बीँछे हो,अगर काँटा कोई मिल जाए,तब याद करना। क्या कहुँ तुमसे,तुम सब जानते हो,प्यार करते हैँ तुमसे,ये भी …
