यह रास्ते ज़िन्दगी के,जो फासले बन गए थे,तुम्हारे आने के बाद,जैसे मंजिलों से मिल रहे थे,वो रुखी-सूखी सी,बेरंग जो ज़िन्दगी थी,तुम्हारे आने के बाद,जैसे फूल उस में भी खिल गए थे,पतझड़ के मौसम में,तुम सावन बन गए थे,ज़िन्दगी की कहानी की तुम कविता बन गए थे,मेरे दिल की बगिया में कली बन के खिल गए …
लम्हा-लम्हा जो मैंने तुम्हारे बिन बिताया,लम्हा-लम्हा वो लगा जैसे हो एक कला साया,हर लम्हे में तुम्हारी याद बेहिसाब आई,ना चाहते हुए भी कई बार आँख भर आई,फलक पर चाँद भी तो तन्हा है मेरी तरह,पर उसे देखकर लगता है की सितारे तो हैं,ठीक वैसे ही मैं भी यहाँ पर तन्हा हूँ कितना,पर मुझे देखकर लगता …
उस दिन से ना जाने क्यूँ मेरी दुनिया ही बदल गयी,जिस दिन मैंने तुम्हे अपनी ज़िन्दगी में पहली बार देखा था,तुम आँखों में तारों सा नूर औरचेहरे पर फूलों सी मासूमियत लिए मेरे सामने से गुज़र गईं,और मैं किसी दीवाने की तरह,तुम्हे देखता रहा,बस देखता रहा,उस पहली ही मुलाकात ने जाने कैसा असर कर दिया …
मैं कल भी तन्हा था,मैं आज भी तन्हा हूँ,बारिश की उन बूंदों की तरह,जो तन्हा हैं बादलों का साथ होते हुए भी,आवारा उन भँवरों की तरह,जो तन्हा हैं फूलों के पास होते हुए भी, मैं कल भी तन्हा था,मैं आज भी तन्हा हूँ,पतझड़ में गिरते उन पत्तों की तरह,जो पेड़ों की शाख अपर हैं,शब्दों के …
मौत!एक हकीकत,एक फ़साना,या एक अर्धसत्य!नहीं!!एक संपूर्ण सत्य,जिसे हर दिल ने फ़साना माना,मगर मौत तो आती है,हमें किसी अँधेरे कमरे में बंद कर,दरवाज़ा लगा,फिर अपने मुकाम पर चली जाती है॥ अपरिवर्तित,अनश्वर, हृदयहीन, वो हर पल चौकस रहती है,जब भी आती है,तो हजारों आँखों को रुला जाती है,और शायद कभी खुद भी ग़मगीन हो जाती है॥ परन्तु …
मेरे जीवन को महका दो अपनी खुशबू से,इस घर के आँगन को पावन बना दो अपनी खुशबू से,चार दिनों की जिंदगानी के जो,ये कुछ पल हैं तुम्हारे साथ के,इन पलों को रंगीन बना दो अपनी खुशबू से,कुछ सूझता नहीं अब तुम्हारे बिना,कोई ख्याल नहीं आता अब तुम्हारे बिना,बाहों में अपनी भर लो मुझे,और मेरे दिल …
कुछ महकी-महकी सी बात इन हवाओं में है,और कुछ महकी-महकी सी बात तुम्हारे इस आँचल में भी है,कुछ खुबसूरत से एहसास इन फिजाओं में हैं,और कुछ खुबसूरत जज़्बात तुम्हारे इस आँचल में भी हैं,मैं ढूंढ़ता रहता हूँ जिस दिल के सुकून को,वो सुकून-ए-दिल तुम्हारे इस आँचल में ही है,वक़्त के थपेड़ों से जब जब झुलस …
उन चंचल चितवन नयनों से तुम्हारा,मुझे यूँ पहली बार देखना,उन कोमल सी उँगलियों से तुम्हारा,मेरी हथेलियों को स्पर्श करना,शायद ये पहली मुलाकात का वो,प्यारा सा एहसास ही था,जिसकी चाहत में न जाने कितने सावन मैंने बिता दिए॥और जिस मुलाकात की कल्पना में ही,न जाने कितने रैना नयनों में ही बिता दिए॥उस पल,उस लम्हे की मौजूदगी,को …
आज जब मैं आखरी बार,अपनी यादों के दामन को संजो रहा हूँ,तब न जाने तुम्हारी वो यादें जो,दफ़न हो गयी थी किसी कोने में दिल के,उमड़ आई आँखों के रास्ते से॥ वो यादें जो कभी मेरी ज़िन्दगी की,अनमोल धरोहर थीं,वो यादें जो कभी,मेरे जीने की वजह थीं,आज वो ही यादें भूल जाना चाहता हूँ मैं,पर …
दिल ने तुम्हे फिर याद किया,दिल को तेरी कमी महसूस हुई,दिल रोया ना जाने क्यूँ तुझ बेवफा की याद में,दिल को सुकून दे ऐसी बात की कमी महसूस हुई,दिल ने चीख-चीख के सुनाये किस्से तेरी बेवफाई के,दिल ने रो-रो के गाए नगमे बेवफाई के,पर तुम्हें क्यूँ सुनाऊँ, दास्तान दिल-ए-नादान की,जिसे ठोकर मार के चली गयीं,बन …
