नसीबों के खेल अजीब होते हैं,चाहने वालों को आँसू ही नसीब होते हैं,कौन होना चाहता है अपनों से जुदा,पर अक्सर बिछड़ जाते हैं वो जो दिल के करीब होते हैं.. कुछ ज़ख्म ऐसे लगे दिल पर,जो कि फूलों पर सोया ना गया,दिल चुरा ले गयी वो मेरा,पर इन आँखों से रोया ना गया.. जानते हैं …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी…..भाग ३ Read More »

कितना भी चाहो ना भुला पाओगे हमें,जितना दूर जाओगे,नज़दीक पाओगे हमें,मिटा सकते हो तो मिटा दो यादें मेरी,मगर क्या सपनों से जुदा कर पाओगे हमें.. हम आपको पलकों में नहीं बिठाएँगे,वहाँ तो सपने में बसते हैं,बिठाएँगे तो सिर्फ दिल में,क्यूंकि वहाँ तो सिर्फ अपने बसते हैं.. रोती हुई आँखों में इंतज़ार होता है,ना चाहते हुए …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी…..भाग २ Read More »

तुम पावन प्रेम का प्याला हो,नैनों में जादू,देह से ज्वाला हो,पीता रहूँ मैं मय प्रेम कि उम्रभर,तुम सचमुच प्रेम कि मधुशाला हो.. मेरे दिल में धड़कती है तेरे दिल कि धड़कन,मेरी साँसों में महकता है तेरे बदन का चन्दन,तेरी आँखों के उजाले से है मेरी आँखें रोशन,तेरे प्यार में समर्पित है मेरा सारा जीवन.. हर …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी…..भाग १ Read More »

1.करनी है खुदा से गुजारिश तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले,हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा या फिर कभी जिंदगी न मिले। 2.जो चाहा जब भी चाहा मिला वही मुझको,अब किसी बात का गिला नहीं मुझको 3.मत इंतज़ार कराओ हमे इतनाकि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जायेक्या पता कल तुम लौटकर …

कुछ अनकही शायरियाँ………भाग 5 Read More »

1.करनी है खुदा से गुजारिश तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले,हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा या फिर कभी जिंदगी न मिले। 2.जो चाहा जब भी चाहा मिला वही मुझको,अब किसी बात का गिला नहीं मुझको 3.मत इंतज़ार कराओ हमे इतनाकि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जायेक्या पता कल तुम लौटकर …

कुछ अनकही शायरियाँ………भाग 4 Read More »

१.यादों की धुंध में तेरी परछाई सी लगती है,सन्नाटे में गूंजती शहनाई सी लगती है,तुम करीब हो तो अपनापन है,वरना सीने में साँस भी पराई सी लगती है॥ २.कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर दुनिया लुटा देते,हर एक ने धोखा दिया,किस-किस को भुला देते,अपने दिल का दर्द दिल में ही रखा,करते बयान तो महफ़िल को …

कुछ अनकही शायरियाँ………भाग 3 Read More »

१.कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,पर हमको एक ही चेहरा नज़र आता है,दुनिया को हम क्या सिखाएँ,यादों में ही सारा वक़्त गुज़र जाता है॥ २.मिलकर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम,एक-दूसरे की याद में रोया करेंगे हम,आंसू छलक-छलक कर सतायेंगे रात भर,मोती पलक-पलक में पिरोया करेंगे हम,जब दूरियों की आग दिलों को जलायेगी,जिस्मों को …

कुछ अनकही शायरियाँ………भाग 2 Read More »

१.उनके लिए पैग़ाम लिखते हैं,साथ गुजरी बातें तमाम लिखते हैं,दीवानी हो जाती है वो कलम भी,जिस कलम से हम उनका नाम लिखते हैं॥ २.अंजाम-ए-मोहब्बत यही होता है ज़माने में,जल जाते हैं परवाने शमा के जलने से पहले॥ ३.चाँद से पूछो या मेरे दिल से,तन्हा कैसे रात बिताई जाती है,कागज़ की नाव दरिया में बहाकर,तूफानों से …

कुछ अनकही शायरियाँ………भाग 1 Read More »

तुम मिले तो खिले गुलाब खिज़ाओं में,माँगा था तुम्हे हमने दिन रात अपनी दुआओं में,चाहत है तुम्हारी,करते हैं तुम्हारी पूजा,मूरत बनके बसे हो तुम मेरी सूनी निगाहों में,रहता है हर दम दिल को ख्याल तुम्हारा,खुशबू से बसे हो तुम साँसों कि फिजाओं में,लबों पर नाम तुम्हारा,धडकनों को आरज़ू तुम्हारी,तेरी महक ही रची-बसी है अब इन …

तुम….. Read More »

मैं हूँ नदी,तुम तट बनो,मैं हूँ डोर तुम पतंग बनो,मैं हूँ तिनका तुम नीड़ बनो,मैं बेरंग तुम रंग बनो,तुम बिन मैं कुछ भी नहीं,तुम ही मेरी सब कुछ बनो।