रंगों में घुली लड़की क्या लाल-गुलाबी है,जो देखता है कहता है क्या माल गुलाबी है,पिछले बरस तूने जो भिगोया था होली में,अब तक निशानी का वो रुमाल गुलाबी है… धुप तेज़ है,पास साया भी नहीं,दर्द ऐसा है की रोना आया भी नहीं,तेरे सिवा किसी को मैंने अपना माना भी नहीं,क्यूंकि किसी को आप जैसा रब …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—33 Read More »

यादों के इस भंवर में एक पल मेरा भी हो,फूलों के इस चमन में एक गुल मेरा भी हो,खुदा करे की जब आप याद करें अपनों को,तो उनमे एक नाम मेरा भी हो… मिली ज़िन्दगी ही ऐसी की ज़िन्दगी भी रो पड़ी,तेरी तलाश में ज़ालिम सज़ा भी रो पड़ी,तुझे टूट कर चाहा और इतना चाहा,कि …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—32 Read More »

तूफ़ान में किनारे मिल जाते हैं,ज़िन्दगी में सहारे मिल जाते हैं,कोई चीज़ ज़िन्दगी से प्यारी नहीं होती,पर कुछ लोग ज़िन्दगी से भी प्यारे मिल जाते हैं… प्यार के उजाले में ग़म आता क्यूँ हैं,जिसको हम चाहते हैं,वो ही हमें रुलाता क्यूँ है,अगर वो मेरा नसीब बन कर आय है,तो वो मेरी दुनिया को हमारी दुनिया …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—31 Read More »

उठाते हैं जब ये हाथ दुआ को,रब से तेरे लिए ही फ़रियाद करते हैं,तुम हमें भुला भी दो तो क्या,हम तो तुम्हे हर पल याद किया करते हैं… नाराज़ होना आपसे हमारी गलती कहलाएगी,अगर आप हमसे नाराज़ हुए तो ये सांसें थम जायेंगी,हँसते रहना हमेशा आप,आपकी हँसी से हमारी ज़िन्दगी सँवर जायेगी… बाटी करके रुला …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—30 Read More »

दोस्तों की हर पल याद सताती है,वो गुज़रा पल,वो मस्ती बहुत याद आती है,हम तो फिर से जीना चाहते हैं उन पलों को,पर वो हसीं ज़िन्दगी फिर कहाँ लौट के आती है… साँस लेने से भी तेरी याद आती है,हर साँस में तेरी खुशबू बस जाती है,कैसे कहूँ कि साँस से मैं जिंदा हूँ,जबकि हर …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—29 Read More »

ना वो आ सके,और ना हम कभी जा सके,ना ही दर्द दिल का किसी को सुना सके,बस बैठे हैं यादों में उनकी,ना उन्होंने हमें याद किया,ना ही हम उन्हें भुला सके…. इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,रातें काटते हैं ले लेकर नाम तेरा,मुद्दत से बैठे हुए हैं ये आस पाले,शायद अब आ जाए कोई पैग़ाम …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—28 Read More »

सच को लफ़्ज़ों की दरकार नही होती,तुमने सर हिला दिया मुझे यकीं हो गया.. जब कभी भी दुआ के लिए उठे मेरे हाथ,सबसे पहले जुबान पर तेरा ही नाम आया… हम भूल नहीं सकते कभी वो लम्हें सुहानेंआहिस्ते से जब थामा था तुमने हाथ हमारा…. उसे मगरूर कहु या मासूम,अच्छे तो वो मुझे आज भी …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—27 Read More »

नफरत तुम कभी ना करना हमसे,हम ये सह नहीं पायेंगे,एक बार बस कह देना हमसे की ज़रुरत नहीं तुम्हारी,हम आपकी दुनिया से हँस कर चले जायेंगे.. कल एक शख्स की मौत का अजब किस्सा सुना मैंने,ए दोस्तों,कहते हैं की यादों के बोझ तले दब के मर गया,,, हम जब भी गुज़रते हैं उस गली से …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—26 Read More »

हकीकत समझो या अफसाना,बेगाना कहो या दीवाना,सुनो इस दिल का फ़साना,तेरे प्यार में ही है मेरे जीने का बहाना… ए दोस्त ज़िन्दगी भर हमसे दोस्ती निभाना,दिल की कोई बात हमसे ना कभी छुपाना,साथ चलना मेरे तुम सुख-दुःख में,भटक जाऊं मैं कहीं तो सही रास्ता भी दिखाना… इस कदर हम यारों को मनाने निकले,उसकी चाहत में …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—25 Read More »

समझ नहीं आती मोहब्बत की कहानी क्या है ?सजदा खुदा का करके लोग ,मांगते इंसान को है .. मुद्दत से आरज़ू थी…. इस दिल को हमसफ़र की,रहनुमा बन कर आ गए…… बड़ी बंदगी के साथ… देखा नही तुमने शायद जमाने के मिजाज को।ये वफा -वफा कहने वाले अकसर बेवफा होते हैं…. दिलों में इतनी ज्यादा …

महफ़िल-ए-शेर-ओ-शायरी—24 Read More »