जैन धर्म में सात तत्त्व माने गए हैं। जीव तत्व- वे, जिनमें चेतना हो। जानने-देखने की शक्ति हो। जैसे- वनस्पति, वायु, जल, अग्नि, पशु, पक्षी, मनुष्य। अजीव तत्व- जिनमें चेतना न हो, जैसे- लकड़ी, पत्थर। आस्रव तत्व- बंधन का जो कारण हो। आ+स्रव द आस्रव। आत्मा की ओर कर्मों का बहना। इंद्रिय रूपी द्वार से …
जैन दर्शन का मुख्य आधार है- ‘अनेकांत’। ‘अनेकांत’ यानी एक चीज का अनेक धर्मात्मक होना। भिन्न-भिन्न दृष्टि से जब हम देखते हैं, तो एक ही चीज एक ही नहीं, अनेक धर्मात्मक दिखाई पड़ती है। हर चीज का वर्णन किसी न किसी अपेक्षा से किया जाता है। हर वस्तु को मुख्य और गौण, दो अपेक्षाओं से …
भगवान महावीर ने सिर्फ उपदेश ही दिए। उन्होंने कोई ग्रंथ नहीं रचा। बाद में उनके गणधरों ने, प्रमुख शिष्यों ने उनके उपदेशों और वचनों का संग्रह कर लिया। इनका मूल साहित्य प्राकृत में है, विशेष रूप से मागधी में।जैन शासन के सबसे पुराने आगम ग्रंथ 46 माने जाते हैं। इनका वर्गीकरण इस प्रकार किया गया …
कर्म वह है, जो आत्मा का असली स्वभाव प्रकट न होने दे। उसे ढँक दे। जैन धर्म में कर्म सिद्धांत पर बहुत जोर दिया गया है। मूल कर्म आठ हैं- ज्ञानावरणीय, दर्शनावरणीय, वेदनीय, मोहनीय, आयु, नाम, गोत्र और अन्तराय। उत्तर प्रकृतियाँ अनेक हैं। जैन धर्म में ऐसा माना जाता है कि संसार के प्राणी जो …
भगवान महावीर ने जैन धर्म की धारा को व्यवस्थित करने का कार्य किया, लेकिन उनके बाद जैन धर्म मूलत: दो संप्रदायों में विभक्त हो गया: श्वेतांबर और दिगंबर। दोनों संप्रदायों में मतभेद दार्शनिक सिद्धांतों से ज्यादा चरित्र को लेकर है। दिगंबर आचरण पालन में अधिक कठोर हैं जबकि श्वेतांबर कुछ उदार हैं। श्वेतांबर संप्रदाय के …
महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था। कौरवों की ओर भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कर्ण, अश्वथामा जैसे महारथी और असंख्य सैनिक थे। जबकि, पांडवों की सेना कौरवों की अपेक्षा बहुत कम थी। अर्जुन-भीम के अलावा कुछ ही महारथी पांडव सेना में थे। उस समय युधिष्ठिर ने भी ये मान लिया था कि पांडव कौरव सेना के …
वेद व्यास ने चार वेदों का संपादन किया, महाभारत की रचना की। उनके बेटे शुकदेव शादी नहीं करना चाहते थे। तब गृहस्थी की समझ लेने के लिए व्यासजी ने उनको राजा जनक के पास भेजा। राजा जनक बहुत विद्वान थे। उस समय जनक का वैवाहिक जीवन आदर्श था। गृहस्थ होने के बाद भी वे वैरागी …
श्रीराम और रावण का युद्ध चल रहा था। राम-लक्ष्मण ने रावण के कई योद्धाओं को मार दिया था। तब रावण ने अपने भाई कुंभकर्ण को नींद से जगाया। कुंभकर्ण बहुत शक्तिशाली था लेकिन ब्रह्मा के वरदान की वजह से वह 6 महीने सोता था। 6 महीने में एक बार उठकर खूब खाता-पीता और फिर सो …
गलत संगत और बुरी चीजें हमारी अच्छी बुद्धि को भी पलट देती हैं, इनसे बचें Read More »
Save expense for the company, and the company will save money for you in proportion. The rewards may not come today, next week, or even next year, but they will come. When you make it a practice to look after the company’s assets as you would look after your own, you have shown that you …
Only those who have the habit of going the second mile ever find the end of the rainbow. It is a fact of life that most of us try and fail many times before we ultimately achieve the level of success that we desire. You can expect to travel the extra mile many times only …
The habit of going the second mile(Napoleon Hill) Read More »
