1.Good intentions are useless until they are expressed in appropriate action. Good intentions may be an appropriate starting point for achievement, but they will go nowhere unless you follow through with action. Many people confuse intentions with achievement; after all, it is the idea that is most important, they reason. In reality, the most mediocre …
स्वामी विवेकानंद को कई बार लोग बहुत महंगे उपहार भी दे देते थे। किसी राजा ने उन्हें बहुत कीमती घड़ी भेंट की थी। एक दिन स्वामीजी वही घड़ी पहनकर रेलगाड़ी से कहीं जा रहे थे। ट्रेन में उनके पास कुछ लड़कियां भी बैठी थीं। लड़कियों ने देखा कि साधु ने बहुत महंगी घड़ी पहनी है, …
दूसरों को मूर्ख समझकर उनका शोषण करने की गलती न करें Read More »
एक शहर में एक आलीशान और शानदार घर था. वह शहर का सबसे ख़ूबसूरत घर माना जाता था. लोग उसे देखते, तो तारीफ़ किये बिना नहीं रह पाते.। एक बार घर का मालिक किसी काम से कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर चला गया। कुछ दिनों बाद जब वह वापस लौटा, तो देखा कि …
ऐसे सास को बदनाम ना करोवो बहुत बड़ा दिल रखती हैजीवन की जमा पूंजी सब दे देती हैसौप देती जो कभी उनका थाजिस घर की मालकिन थी… तुम्हारे आने पर वो थाल सजाले तेरे हाथों के निशान,तेरी आरती उतारघर की चाबी भी सौप देती हैं.. अपना सब देकर,नजर तो रखेंगीतुझे आजमाने के लिएतेरी परीक्षा भी …
एक राजा बहुत ही महत्त्वाकांक्षी था और उसे महल बनाने की बड़ी महत्त्वाकांक्षा रहती थी उसने अनेक महलों का निर्माण करवाया ! रानी उनकी इस इच्छा से बड़ी व्यथित रहती थी कि पता नहीं क्या करेंगे इतने महल बनवाकर ! एक दिन राजा नदी के उस पार एक महात्माजी के आश्रम के वहाँ से गुजर …
Sincerity of Purpose There is no substitute for real commitment to your definite major purpose. Sincerity of purpose-or its lack-writes itself so indelibly into your words and deeds that anyone can recognize it. Insincerity is evident in your expressions, in your trend of conversation, in everything you do; no amount of acting skill can disguise …
1.It’s not the epitaph on your tombstone but the record of your deeds that may perpetuate your name after death. Alfred Nobel had an opportunity afforded to very few. When his brother died, the newspaper confused the two and published Alfred’s obituary instead of his brother’s. As he read his own obituary, Alfred realized that …
बाबुल का घर छोड़ कर पिया के घर आती है.. एक लड़की जब शादी कर औरत बन जाती है.. अपनों से नाता तोड़कर किसी गैर को अपनाती है.. अपनी ख्वाहिशों को जलाकर किसी और के सपने सजाती है.. सुबह सवेरे जागकर सबके लिए चाय बनाती है..नहा धोकर फिर सबके लिए नाश्ता बनाती है.. पति को …
1. दस रू किलो टमाटर लेकर ताजा चटनी खा सकते हैं, मगर हम डेढ़ सौ रू किलो टमाटो साॅस खाते हैं वो भी एक दो माह पहले बनी हुई बासी। 2. पहले हम एक दिन पुराना. घड़े का पानी नहीं पीते थे अब तीन माह पुराना बोतल का पानी बीस रू लीटर खरीद कर पी …
सोचने योग्य विषय है, कृपया ध्यान दीजिए। आखिर सवाल सेहत का है Read More »
एक राजा बहुत बड़े दानवीर थे। उनकी ये एक खास बात थी कि जब वो दान देने के लिए हाथ आगे बढ़ाते तो अपनी नज़रें नीचे झुका लेते थे। ये बात सभी को अजीब लगती थी कि ये राजा कैसे दानवीर हैं। ये दान भी देते हैं और इन्हें शर्म भी आती है। ये बात …
