महाभारत में गुरु द्रोणाचार्य ने एक दिन सोचा कि मुझे कौरव और पांडव राजकुमारों के व्यवहारिक ज्ञान की परीक्षा लेनी चाहिए। द्रोणाचार्य ने दुर्योधन को बुलाया और कहा, ‘तुम जाओ और नगर में से किसी एक अच्छे इंसान को खोजकर यहां ले आओ।’ दुर्योधन नगर में पहुंचा और कुछ देर बाद वह द्रोणाचार्य के पास …
जैसी हमारी दृष्टि होगी, वैसी ही सृष्टि हमें दिखाई देगी, इसीलिए बुराइयों से बचें Read More »
