🌹पहला
किसी को अपने जीवन में प्राथमिकता न बनने दें, जब आप उनके जीवन में सिर्फ एक विकल्प हों। रिश्ते तभी बेहतर काम करते हैं, जब वे संतुलित हों…
🌹दूसरा
खुद को कभी किसी को न समझाएं। क्योंकि जो आपको पसंद करता है उसे इसकी आवश्यकता नहीं है और जो व्यक्ति आपको पसंद नहीं करता है वह इस पर विश्वास नहीं करेगा…
🌹तीसरा
जब आप कहते रहते हैं कि आप व्यस्त हैं, तो आप कभी भी खाली नहीं होते। जब आप कहते रहेंगे कि आपके पास समय नहीं है, तो आपके पास कभी समय नहीं होगा। जब तुम कहते रहोगे कि कल करोगे तो तुम्हारा कल कभी नहीं आएगा..
🌹चौथा
जब हम सुबह उठते हैं तो हमारे पास दो आसान विकल्प होते हैं। सो जाओ और सपने देखो, या जागो और उन सपनों का पीछा करो। चुनना आपको है…
🌹पांचवां
हम उन्हें रुलाते हैं जो हमारी परवाह करते हैं। हम उनके लिए रोते हैं जो कभी हमारी परवाह नहीं करते। और हम उनकी परवाह करते हैं जो हमारे लिए कभी नहीं रोएंगे। यही है जीवन का सच, अजीब है लेकिन सच है। एक बार जब आप इसे महसूस कर लेते हैं, तो इसे बदलने में कभी देर नहीं होती …
🌹छठा
जब आप आनंद में हों तो वादे न करें। जब आप दुखी हों तो उत्तर न दें।
जब आप क्रोधित हों तो निर्णय न लें। दो बार सोचो, एक बार काम करो…
🌹सातवाँ
समय नदी की तरह है। आप एक ही पानी को दो बार छू नहीं सकते, क्योंकि जो बह गया वह फिर कभी नहीं गुजरेगा..
🌹🙏”किसी ने स्वामी विवेकानंद से पूछा:
“जहर क्या है?”
उन्होंने बहुत अच्छा जवाब दिया था:
“जिंदगी में जो कुछ भी अति है, वो जहर है”🌹