Month: October 2020

उन चंचल चितवन नयनों से तुम्हारा,मुझे यूँ पहली बार देखना,उन कोमल सी उँगलियों से तुम्हारा,मेरी हथेलियों को स्पर्श करना,शायद ये पहली मुलाकात का वो,प्यारा सा एहसास ही था,जिसकी चाहत में न जाने कितने सावन मैंने बिता दिए॥और जिस मुलाकात की कल्पना में ही,न जाने कितने रैना नयनों में ही बिता दिए॥उस पल,उस लम्हे की मौजूदगी,को …

पहली मुलाकात Read More »

आज जब मैं आखरी बार,अपनी यादों के दामन को संजो रहा हूँ,तब न जाने तुम्हारी वो यादें जो,दफ़न हो गयी थी किसी कोने में दिल के,उमड़ आई आँखों के रास्ते से॥ वो यादें जो कभी मेरी ज़िन्दगी की,अनमोल धरोहर थीं,वो यादें जो कभी,मेरे जीने की वजह थीं,आज वो ही यादें भूल जाना चाहता हूँ मैं,पर …

कल…आज…कल… Read More »

दिल ने तुम्हे फिर याद किया,दिल को तेरी कमी महसूस हुई,दिल रोया ना जाने क्यूँ तुझ बेवफा की याद में,दिल को सुकून दे ऐसी बात की कमी महसूस हुई,दिल ने चीख-चीख के सुनाये किस्से तेरी बेवफाई के,दिल ने रो-रो के गाए नगमे बेवफाई के,पर तुम्हें क्यूँ सुनाऊँ, दास्तान दिल-ए-नादान की,जिसे ठोकर मार के चली गयीं,बन …

दिल Read More »

एक भोली,सीधी सी मुस्कुराती सी लड़की,जिसे देखकर मेरे दिल में बिजली सी है कड़की,जिसकी शरारत,जिसकी मासूमियत,मेरे दिल को है छू जाती,और जिसके ख्यालों में बिताए पल,मेरी ज़िन्दगी के बेहतरीन पलों में हैं,उस तीखी-तीखी सी,सीधी-सादी सी लड़की से,मिलने के पल सिर्फ पलों में हैं,थोड़ी शरारत भी है,थोड़ी मासूमियत भी है,और उसके साथ की,इस दिल को ज़रूरत …

एक लड़की Read More »

दामन में अश्क,लबों पर फ़रियाद रहने दो,दिल शाद मत करो,नाशाद रहने दो,लौट ही जायेंगी गुजरी हुई बहारें कभी,चमन में उजड़े हुए फूलों का शबाब रहने दो,तुम अपनी फ़िक्र करो,मेरा ग़म मत करो,ये मेरी किस्मत है,मुझे बर्बाद रहने दो,तुम्हारी यादें ही सहारा हैं ज़िन्दगी का मेरी,मेरे सिरहाने ये सूखा सा गुलाब रहने दो,थकी-थकी सी तमन्नाएँ,सोयी हुई …

रहने दो Read More »

है प्यार बहुत तुझसे जुदाई के बावजूद,आहट सुनता हूँ तुम्हारी तन्हाई के बावजूद,ये इश्क का मौसम भी बड़ा अजीब है यारों,तन-मन सुलगता है,सुहानी पुरवाई के बावजूद,दुनिया के रिश्ते,सुख-दुःख के धागों में बंधे हैं,बहते आँखों में आंसू हैं,ब्याह की शहनाई के बावजूद,यह हमारा सब्र है की हर सितम हँस के सहा है,तुझसे शिकवा न किया कोई,तेरी …

बेवफाई Read More »

तेरी तस्वीर को जबसे सीने से लगा रखा है,तेरी कसम सारी दुनिया को भुला रखा है,तुझको एहसास न होगा मेरे जूनून का ए सनम,की तेरे नक़्शे कदम पर सर को झुका रखा है,जिस दिन से तुम मुझ से जुदा हुए हो जानेजां,सारी दुनिया से हमने दामन बचा रखा है,पहले पीते थे कभी तेरी मस्त आँखों …

तेरी कमी… Read More »

मेरी तबाही पर मेरे चाहने वाले रोये,मेरे अंजाम पर मुझे मिटाने वाले रोये,सुबूत वफ़ा का इस से बढ़कर क्या होगा,मिलकर गले मुझसे दूर जाने वाले रोये,वफ़ा के नाम पर लूटा है जिसने हमको यारों,अक्सर तन्हाई में वो ही हमें आज़माने वाले रोये,ए मेरी जानेवफ़ा,तेरा क्या ज़िक्र करूँ,यहाँ हमसे सब दिल लगाने वाले रोये,कोई रोया तो …

मुझपे रोये.. Read More »

“यह कविता,बचपन के सभी दोस्तों के नाम….” आतें हैं याद बहुत,बचपन के मेरे दोस्त,दिल में जिनकी ख़ास जगह है,बचपन के वो मेरे दोस्त॥ सुबह-सुबह उठ के स्कूल साथ जाना,एक ही बेंच पर बैठकर दिन बिताना,थके हुए कन्धों पर बस्ता टाँगे,स्कूल के बाद में भी साथ आना,दिल में जिनकी ख़ास जगह है,बचपन के मेरे दोस्त॥ चोर-पुलिस,छुपा-छुपी …

बचपन के मेरे दोस्त… Read More »

अपना हाल दिल की दीवारों को सुनाया है,इस तरह भी हमने खुद को बहलाया है,जब भी याद आई है तन्हाई में तुम्हारी,चुपके से तेरी तस्वीर को सीने से लगाया है,कभी तोहमत ना लगे तुझ पर बेवफाई की,इसीलिए तेरी बेवफाई को सबसे छुपाया है,उस शहर में तेरे बाद अब मेरा दिल नहीं लगता,इसीलिए आकर इस वीराने …

बेवफाई… Read More »